आज जब एप्पल अपने A20 Pro चिप और पहले फोल्डेबल आईफोन की बात कर रहा है, तो पीछे मुड़कर देखने पर iPhone 16 सीरीज़ का महत्व और साफ नज़र आता है। यह वह मॉडल था जिसने पहली बार पूरी आईफोन लाइनअप को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में मोड़ा था। दो साल बीत जाने के बाद भी इस सीरीज़ की चर्चा कम नहीं हुई है, क्योंकि यही वह लॉन्च था जिसने आने वाले हर आईफोन के लिए ज़मीन तैयार की।
iPhone 16 लॉन्च की तारीख और भारत में कीमत
एप्पल ने 9 सितंबर 2024 को अपने “ग्लोटाइम” इवेंट में iPhone 16 सीरीज़ को पेश किया था। इस लाइनअप में चार मॉडल शामिल थे — iPhone 16, iPhone 16 Plus, iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max। भारत में प्री-ऑर्डर 13 सितंबर 2024 से शुरू हुए और बिक्री 20 सितंबर 2024 से हुई। बेस मॉडल की शुरुआती कीमत 79,900 रुपये रखी गई थी, जबकि iPhone 16 Plus 89,900 रुपये से शुरू होता था। Pro मॉडल की कीमत 1,19,900 रुपये और Pro Max की कीमत 1,44,900 रुपये तय की गई थी। दिलचस्प बात यह रही कि इतने सारे नए फीचर जोड़ने के बावजूद एप्पल ने पिछली सीरीज़ के मुकाबले कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी।
Apple Intelligence — इस सीरीज़ की असली पहचान
iPhone 16 सीरीज़ को दूसरे मॉडलों से अलग बनाने वाली सबसे बड़ी चीज़ थी Apple Intelligence। यह एप्पल का पहला आईफोन लाइनअप था जिसमें ऑन-डिवाइस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर्स जैसे स्मार्ट राइटिंग टूल्स, नोटिफिकेशन समरी और नया सीरी अनुभव शामिल किए गए। पूरी लाइनअप में इसके लिए नई A18 चिप दी गई (Pro मॉडलों में A18 Pro), जिसे खासतौर पर AI प्रोसेसिंग को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था।
Camera Control बटन और डिज़ाइन में बदलाव
इस सीरीज़ में एक बिल्कुल नया फीचर देखने को मिला — Camera Control बटन। यह एक कैपेसिटिव टच-सेंसिटिव बटन था, जिससे यूज़र सीधे कैमरा ऐप खोल सकता था, ज़ूम कर सकता था और फोटो क्लिक कर सकता था, वो भी बिना स्क्रीन को छुए। साथ ही, स्टैंडर्ड iPhone 16 में भी Action Button दिया गया, जो पहले सिर्फ Pro मॉडलों तक सीमित था। कैमरे की पोज़िशन को भी वर्टिकल अरेंजमेंट में बदल दिया गया, जो iPhone 15 के डायगनल लेआउट से अलग था।
स्क्रीन साइज़ के मामले में भी बदलाव देखने को मिला। Pro मॉडल 6.3 इंच और Pro Max 6.9 इंच डिस्प्ले के साथ आए, जो अब तक के सबसे बड़े आईफोन डिस्प्ले थे। इससे कंटेंट देखने और गेमिंग का अनुभव पहले से काफी बेहतर हो गया।
iPhone 16 बनाम iPhone 15 — कितना बड़ा फर्क
जब भी दो लगातार मॉडलों की तुलना होती है, तो सवाल यही रहता है कि अपग्रेड जेनुइन है या सिर्फ मामूली बदलाव। iPhone 15 में न तो Apple Intelligence थी, न Camera Control बटन, और बेस मॉडल में Action Button भी नहीं था। यही वजह है कि iPhone 16 को सिर्फ स्पेसिफिकेशन अपग्रेड नहीं, बल्कि एक सॉफ्टवेयर-फर्स्ट बदलाव के तौर पर देखा गया, जिसने आईफोन के इस्तेमाल करने के तरीके को ही बदल दिया।
दो साल बाद आज iPhone 16 की स्थिति
आज बाज़ार में iPhone 18 Pro और फोल्डेबल iPhone Duo आ चुके हैं, लेकिन iPhone 16 अभी भी एप्पल की ऑफिशियल वेबसाइट पर बिकने वाले मॉडलों में शामिल है, जो इसकी लंबी उम्र को दिखाता है। समय के साथ इसकी कीमत में भी गिरावट आई है, जिससे यह उन ग्राहकों के लिए आकर्षक विकल्प बना हुआ है जो AI फीचर्स के साथ एक भरोसेमंद आईफोन चाहते हैं, लेकिन नवीनतम जेनरेशन जितना खर्च नहीं करना चाहते।
कुल मिलाकर, iPhone 16 सीरीज़ को सिर्फ एक सालाना अपडेट के तौर पर नहीं, बल्कि उस पल के तौर पर याद रखा जाएगा, जब एप्पल ने अपने हार्डवेयर से ज़्यादा सॉफ्टवेयर इंटेलिजेंस पर दांव लगाना शुरू किया था। यही वजह है कि दो साल बाद भी यह मॉडल चर्चा से बाहर नहीं हुआ है।
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