बेंगलुरु में चल रही Global Chess League में इस वक्त सबसे ज़्यादा जिस नाम की चर्चा हो रही है, वह है Javokhir Sindarov। महज़ 20 साल की उम्र में यह उज़्बेक ग्रैंडमास्टर शतरंज की दुनिया के सबसे बड़े मंच की तरफ बढ़ चुका है, और पिछले कुछ हफ्तों में उसकी उपलब्धियों ने उसे सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग टॉपिक बना दिया है। वजह सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उपलब्धियों की एक पूरी सिलसिलेवार कहानी है।
बेंगलुरु में चल रही Global Chess League में शानदार फॉर्म
3 से 13 सितंबर 2026 के बीच बेंगलुरु के होटल ललित अशोक में खेली जा रही Tech Mahindra Global Chess League के इस सीज़न में सिंदारोव पहली बार किसी टीम के “आइकन बोर्ड” पर खेल रहे हैं। FYERS American Gambits टीम की अगुवाई करते हुए उन्होंने टूर्नामेंट की शुरुआत में ही विश्वनाथन आनंद को हराकर सबका ध्यान खींचा था। इसके बाद डे 5 के मुकाबले में उन्होंने ईरानी ग्रैंडमास्टर अलीरेज़ा फिरूज़ा को भी मात दी, जिससे उनकी टीम लीग में सबसे आगे पहुंच गई। इस जीत के बाद सिंदारोव ने खुद कहा कि फिरूज़ा ने सोचने में बहुत ज़्यादा वक्त लगाया और कुछ अहम टैक्टिकल मौके गंवा दिए। दिलचस्प बात यह भी है कि यह टूर्नामेंट उज़्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाले 46वें शतरंज ओलंपियाड से सिर्फ तीन दिन पहले खत्म हो रहा है।
Candidates Tournament जीतकर बने World Championship Challenger
लेकिन सिंदारोव की असली पहचान सिर्फ इस लीग से नहीं बनी है। इस साल की शुरुआत में उन्होंने 2026 के FIDE Candidates Tournament में जो प्रदर्शन किया, उसे शतरंज इतिहास के सबसे दमदार प्रदर्शनों में गिना जा रहा है। 14 गेम की इस प्रतियोगिता में उन्होंने बिना एक भी गेम हारे 10 अंक हासिल किए — छह जीत और आठ ड्रॉ के साथ — और यह मौजूदा फॉर्मेट में अब तक का सबसे दमदार स्कोर माना गया है। इस जीत ने उन्हें सीधे वर्ल्ड चैंपियनशिप चैलेंजर बना दिया, जिसका मतलब है कि वह अब मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोम्मराजू को जिनेवा में खिताब के लिए चुनौती देंगे।
बचपन से ही रहा है चेस प्रोडिजी
सिंदारोव का शतरंज सफर बचपन से ही असाधारण रहा है। वह महज़ 12 साल, 10 महीने और 8 दिन की उम्र में ग्रैंडमास्टर बन गए थे, जो उस समय इतिहास में दूसरा सबसे कम उम्र का रिकॉर्ड था। 2019 में उन्होंने वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन व्लादिमीर क्रैमनिक को हराकर पहली बार बड़ी अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद 2025 में उन्होंने FIDE वर्ल्ड कप जीता — गोवा, भारत में हुए फाइनल में चीन के वेई यी को हराकर — और इस तरह वह यह खिताब जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और पहले उज़्बेक चैंपियन बने।
अभी रैंकिंग में कहां खड़े हैं सिंदारोव
सितंबर 2026 तक की FIDE रेटिंग के मुताबिक, सिंदारोव 2778 अंकों के साथ दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी हैं, जो उनका अब तक का सर्वोच्च रेटिंग स्कोर भी है। उनकी अगुवाई वाली FYERS American Gambits टीम में डैनियल डुबोव, निहाल सरीन, बीबीसारा असौबायेवा, सरासादात खादेम और मार्क आंद्रिया मौरिज़ी जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। लीग में उनका सामना मैग्नस कार्लसन, इयान नेपोम्नियाश्ची और मैक्सिम वाचिए-लाग्रेव जैसे दिग्गजों से भी हो सकता है, और खासकर कार्लसन के खिलाफ उनकी संभावित भिड़ंत को लेकर शतरंज प्रेमियों में खासा उत्साह है।
आगे क्या — जिनेवा में इंतज़ार कर रही है बड़ी चुनौती
बेंगलुरु लीग खत्म होने के बाद सिंदारोव का असली इम्तिहान इसी साल के आखिर में जिनेवा में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में होगा, जहां वह गुकेश डोम्मराजू के खिलाफ खिताब के लिए उतरेंगे। अगर वह यह मुकाबला जीत लेते हैं, तो शतरंज इतिहास में सबसे कम उम्र के वर्ल्ड चैंपियनों में उनका नाम दर्ज हो जाएगा। यही वजह है कि फिलहाल हर शतरंज फैन की नज़र इस युवा उज़्बेक ग्रैंडमास्टर पर टिकी हुई है, और आने वाले महीनों में उनका नाम चर्चाओं से गायब होने वाला नहीं है।
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