उत्तर प्रदेश, जो देश का सबसे बड़ा राज्य है, आज तक अपनी एक एयरलाइन के लिए तरसता रहा। लेकिन अब यह इंतजार खत्म होने वाला है। Shankh Air के रूप में यूपी को मिलने जा रही है उसकी पहली अपनी एयरलाइन — और इसके पीछे की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है।
Shankh Air क्या है और यह क्यों खास है?
Shankh Air उत्तर प्रदेश की पहली होमग्रोन एयरलाइन है, जिसे Shankh Aviation Private Limited के जरिए संचालित किया जाएगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से No Objection Certificate (NOC) मिलने के बाद यह एयरलाइन अपने परिचालन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। UDAN योजना के तहत इसे क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने का जिम्मा सौंपा गया है।
यह एयरलाइन लखनऊ, नई दिल्ली और नोएडा के बहुप्रतीक्षित जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरने की योजना बना रही है। उद्देश्य एक ही है — उत्तर भारत के उन शहरों और कस्बों को हवाई मार्ग से जोड़ना जहाँ बड़ी एयरलाइनें अब तक नहीं पहुँची हैं।
कौन हैं Shankh Air के संस्थापक?
Shankh Air के पीछे हैं कानपुर के श्रवण कुमार विश्वकर्मा, जो Shankh Aviation Private Limited के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनकी कहानी सुनकर हर आम भारतीय का सीना चौड़ा हो जाएगा।
एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में पले-बढ़े श्रवण खुद मानते हैं कि वे पढ़ाई में खास नहीं थे। कानपुर की सड़कें, बसें और टेंपो — यही उनका असली विद्यालय था। जब वे सफर करते थे, तो उन्होंने हर बार महसूस किया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के आम लोगों के लिए हवाई यात्रा अभी भी एक सपना बनी हुई है। यही सोच Shankh Air की नींव बनी।
आज वही शख्स, जो कभी कानपुर की गलियों में टेंपो चलाता था, उत्तर प्रदेश की पहली एयरलाइन के मालिक बनने जा रहे हैं।
Fleet और Routes — अभी तक क्या तय हुआ है?
Shankh Air तीन Airbus A320 विमानों के साथ अपना परिचालन शुरू करेगी। धीरे-धीरे इसमें A321 विमान भी जोड़े जाएंगे। फिलहाल ध्यान घरेलू रूटों पर है — खासकर उत्तर भारत के क्षेत्रीय शहरों को आपस में जोड़ना। भविष्य की योजनाओं में 2028-2029 तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने का भी लक्ष्य है।
IndiGo और Air India की दोहरी बादशाहत को मिलेगी चुनौती?
आज भारत के घरेलू हवाई बाजार पर लगभग IndiGo और Air India का ही राज है। IndiGo अकेले 50 प्रतिशत से अधिक उड़ानें संचालित करता है। हाल ही में IndiGo की उड़ान रद्द होने से हजारों यात्री परेशान हुए — इसने साफ कर दिया कि बाजार में प्रतिस्पर्धा की कितनी जरूरत है।
सरकार ने भी इस जरूरत को समझा और एक साथ तीन नई एयरलाइनों — Shankh Air, Al-Hind Air और FlyExpress — को मंजूरी दी है। इससे न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को सस्ते किराए और अधिक विकल्प भी मिलेंगे।
क्या Shankh Air सफल होगी?
भारत में एयरलाइन उद्योग आसान नहीं है — Jet Airways जैसी बड़ी कंपनियाँ भी यहाँ धराशाई हो चुकी हैं। लेकिन Shankh Air की रणनीति अलग दिखती है। यह एयरलाइन सीधे मध्यमवर्गीय यात्री को निशाना बना रही है, जिसे किफायती और भरोसेमंद हवाई सेवा की दरकार है।
अगर क्रियान्वयन सही रहा, तो Shankh Air सिर्फ एक एयरलाइन नहीं बनेगी — बल्कि यह उत्तर प्रदेश के आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर का एक अहम हिस्सा बन जाएगी। और श्रवण कुमार विश्वकर्मा का यह सफर — टेंपो से टेकऑफ तक — देश के हर उस युवा के लिए एक प्रेरणा बन जाएगा जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है।
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